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अश्विन पूर्णिमा / शरद पूर्णिमा / वाल्मीकि जयंती
MANUASTRO · 19 Oct 2026
अश्विन पूर्णिमा / शरद पूर्णिमा / वाल्मीकि जयंती का परिचय
- शरद पूर्णिमा (कोजागरी पूर्णिमा):
- यह पर्व आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है।
- इस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है और आकाश से अमृत की वर्षा होती है।
- इस दिन रात के समय चंद्रमा की रोशनी में खीर बनाकर रखी जाती है और फिर उसका सेवन किया जाता है। कई जगहों पर इसे 'कोजागरी लक्ष्मी पूजा' के रूप में भी मनाया जाता है।
- महर्षि वाल्मीकि जयंती:
- संस्कृत साहित्य के 'आदिकवि' और पवित्र महाकाव्य 'रामायण' के रचयिता महर्षि वाल्मीकि का जन्म इसी आश्विन पूर्णिमा के दिन हुआ था।
- पौराणिक कथाओं के अनुसार, उनका प्रारंभिक नाम रत्नाकर था और बाद में देवर्षि नारद के उपदेश से उनका जीवन पूरी तरह बदल गया।
- उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित महाकाव्य रामायण की रचना की।
- महर्षि वाल्मीकि जयंती:
- संस्कृत साहित्य के 'आदिकवि' और पवित्र महाकाव्य 'रामायण' के रचयिता महर्षि वाल्मीकि का जन्म इसी आश्विन पूर्णिमा के दिन हुआ था।
- पौराणिक कथाओं के अनुसार, उनका प्रारंभिक नाम रत्नाकर था और बाद में देवर्षि नारद के उपदेश से उनका जीवन पूरी तरह बदल गया।
- उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित महाकाव्य रामायण की रचना की।
- वर्ष 2026 की तिथियां:
- शरद पूर्णिमा / कोजागरी लक्ष्मी पूजा: रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को है।
- महर्षि वाल्मीकि जयंती: सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी