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दशहरा निपटते ही शुरू होगा पंचक काल, 25 अक्टूबर तक किन शुभ-मांगलिक कार्यों पर रहेगी रोक?
MANUASTRO · 19 Oct 2026
Dussehra Panchak 2026 : पंचांग के अनुसार, दशहरा के अगले दिन से पंचक शुरू होगा. जानें तारीख, समय और इस पंचक के दौरान क्या न करें.
सनातन धर्म में दशहरा का विशेष धार्मिक और पौराणिक महत्व है. इस दिन मां दुर्गा की प्रतिमा और कलश का विसर्जन किया जाता है. बंगाल में दशहरा यानी विजयादशमी के दिन ही सिंदूर खेला की रस्म निभाई जाती है. पंचांग के अनुसार, इस साल दशहरा का शुभ मुहूर्त समाप्त होते ही दिन पंचक शुरू होगा. आइए जानते हैं कि पंचक कब से कब तक चलेगा और इस दौरान क्या करें और क्या नहीं.
अक्टूबर 2026 में पंचक की तारीख और समय
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा ने महावीर पंचांग के संदर्भ से बताया कि दशहरा का शुभ मुहूर्त समाप्त होने के बाद पंचक शुरू हो गा. पंचक की शुरुआत 21 अक्टूबर 2026 से होगी जबकि इसकी समाप्ति 25 अक्टूबर को होगी. पंचक 21 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 01 मिनट से शुरू होगा और इसका समापन 25 अक्टूबर 2026 को शाम 7 बजकर 22 मिनट पर होगी.
क्या होता है पंचक?
झारखंड-बिहार में पंचक को भदवा के नाम से जाना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में गोचर करता है तो 27 नक्षत्रों में से अंतिम पांच नक्षत्रों (धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती) के काल को पंचक कहा जाता है.
पंचक के दौरान क्या न करें?
भदवा (पंचक) में पांच दिनों तक कुछ शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं. पंचक की अवधि में छत ढलवाना, घर का निर्माण आरंभ करना, दक्षिण दिशा की यात्रा, चारपाई बनवाना, दाह-संस्कार आदि कार्य नहीं किए जाते है. इसके अलावा पंचक यानी भदवा के दौरान पूजा, जप, दान, विवाह, मुंडल, उपनयन आदि मांगलिक कार्य भी नहीं किए जाते हैं.
धनिष्ठा, शतभिषा और पूर्वाभाद्रपद के अशुभ प्रभाव
धनिष्ठा नक्षत्र- इस नक्षत्र में आग लगने का डर रहता है. इसलिए इस दौरान घास, लकड़ी या ईंधन इकट्ठा करने से बचना चाहिए.
शतभिषा नक्षत्र- इस नक्षत्र में कलह, वाद-विवाद और शारीरिक कष्ट होने की संभावना मानी जाती है. इसलिए पंचक में इस नक्षत्र के दौरान बेवजह किसी से लड़ाई नहीं चाहिए.
पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र- इस नक्षत्र में किसी भी तरह के शुभ या नए कार्य की शुरुआत नहीं की जाती है. मान्यतानुसार, ऐसा करने से रोग या परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं.